Independence day speech 2018 : Independence day speech
Independence day speech 2018 : Independence day speech
स्वतंत्रता दिवस भाषण 1
Independence day speech
Independence day speech 2018
“तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा”- नेताजी सुभाष चंद्र बोस
हमारा देश भारत प्राचीन भूमि के साथ एक गौरवशाली इतिहास रखता है। भारत को हमारी स्वतंत्र भावना, भविष्यवादी विचार, अनोखी परंपराओँ और समृद्धि की भरमार ने एक प्रतिष्ठित भूमि बनाया है। हम सोना, मसालों, इंडिगो (नील) और वस्त्रों का कारोबार करते हैं। शायद यह वही धन और उद्योग हैं जिसने मध्ययुगीन समय में भारत में आक्रमणकारियों को आमंत्रित किया। 1600 के दशक में जब ब्रिटेन के महत्वाकांक्षी उपनिवेशवादों ने एशिया के दूर दराज क्षेत्रों में अपनी पहुँच बना ली, तब भारत पर विजय प्राप्त करना उनका एक स्वाभाविक लक्ष्य बन गया था। आधुनिक भारतीय इतिहास में ब्रिटिश शासन के दिन सबसे अंधकारमय दिन थे। वे न केवल हमारे स्वदेशी उद्योगों को नष्ट करते थे बल्कि हमारे देश से धन और उत्पादित माल का अपने देश ग्रेट ब्रिटेन निर्यात कर देते थे। उन्होंने हमारे विरोध और आजादी के लिए किए गए संघर्ष को बेरहमी से कुचल दिया। देश के कोने-कोने से बहादुर पुरुष और महिलाएं आगे बढ़ीं – कुछ लोग शांति और अहिंसा अपनाकर आजादी के लिए लड़े और कुछ लोग क्रांतिकारी तरीकों से लड़े। बहुत सारे बलिदानों और अदम्य प्रतिरोध के बाद अंग्रेजों को महसूस होने लगा कि भारत में अब उनके गिने-चुने दिन रह गए हैं। हालांकि 1900 के मध्य तक, भारत के औपनिवेशिक स्वामी एकजुट भारत की आवाज को दबा न सके, लाखों भारतीयों ने अपनी आजादी की माँग की।
15 अगस्त 1947 को भारत एक बार फिर आजादी के रूप में जागा। लेकिन वास्तव में देश सोया नहीं था। भारत के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने देश के लोगों को ऐतिहासिक व्याख्यान दिया और “भाग्य के साथ प्रयास” करने के लिए तैयार किया।
हर साल हम 15 अगस्त को स्वतंत्रता की भावना तथा उन अनगिनत पुरुषों और महिलाओं के लिए जिन्होंने देश की आजादी हेतु अपने प्राणों की बलि दे दी, की श्रद्धा और श्रद्धांजलि को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाते हैं। यह आजादी पूरी तरह से उनके कार्यों की वजह से हैं कि हम लोग स्वतंत्रतापूर्वक रहते हैं, स्वाभाविक कानूनी अधिकारों का आनंद लेते हैं, अपने जनादेश का इस्तेमाल करते हैं तथा अपने देश के प्रशासन में भाग लेते हैं। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, प्रत्येक भारतीय को इस पर गर्व होना चाहिए, यह उन वीरों के परिश्रम का ही परिणाम है।
भारत के प्रधानमंत्री द्वारा ऐतिहासिक लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है और 21 तोपों की सलामी दी जाती है, जो इस दिन का खास पल होता है और इस दिन प्रत्येक भारतीय की आँख गर्व और देशभक्ति के आँसू से चमकती है। इस दिन प्रधानमंत्री एक गौरवशाली भाषण देते हैं, लाखों लोग अपने टेलीविजन के माध्यम से प्रधानमंत्री के निर्देशन को देख रहे होते हैं। इसलिए जब हमारे प्रधानमंत्री अपने भाषण में स्वास्थ्य-रक्षा और स्वच्छता की आवश्यकता पर बात करते हैं तो लाखों बच्चे और वयस्क स्वच्छ भारत अभियान के लिए पैदल चलने वाले सैनिक बन जाते हैं। जब वह मेक इन इंडिया के बारे में भाषण देते हैं, तो उद्योग बड़े पैमाने पर अपनी कायापलट करने लगते हैं और दुनिया की विनिर्माण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार हो जाते हैं। जब वह राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे को संबोधित करते हैं, तब लाखों युवा पुरुष और महिलाएं स्वयं को सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए जोश के साथ आगे आते हैं।
स्वतंत्रता दिवस आजादी मनाने का दिन है, जिसमें हम विचार, कार्रवाई, भाषण, आंदोलन और जनादेश का आनंद लेते हैं। हालांकि दिल्ली राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले समारोहों का दिल (केन्द्र) है, लेकिन राज्यों की राजधानियाँ भी इस मामले में पीछे नहीं हैं। स्कूलों और कॉलेजों में भी तिरंगा फहराया जाता है, स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित प्रदर्शन किये जाते हैं, गीत गाए जाते हैं और राष्ट्र के नायकों की महिमा का गुणगान किया जाता है। यह एक अनुस्मारक है कि हमने क्या हासिल किया है और किन मूल्यों को उद्धृत किया है। यह हमारे बच्चों को अच्छी सीख देता है और युवाओं को प्रेरित करता है।
भारत का स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का ही दिन नहीं है बल्कि यह स्मरण और उपासना करने का भी दिन है। शहीदों ने हमारी आजादी, हमारे अस्तित्व को बचाने और देश की सेवा के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया। हम देश के उन सैनिकों के प्रति अपना आभार प्रकट करते हैं जो अपनी खुशी, भलाई और सुरक्षा को दाँव पर लगाकर हमारी रक्षा करते हैं।
इस साल हम देश की संप्रभुता, राष्ट्रीय ध्वज “तिरंगा” और इसके नेताओं जैसे – महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, नेहरू, तिलक, गोखले, अम्बेडकर, भगत सिंह और अन्य लोगों का जश्न मनायेगें। राष्ट्र को शानदार प्रगति और विकास के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए देश की उन्नति में आने वाली बाधाओं पर गौर करेंगे और अपने मूल्यों को आगे बढ़ाएंगे। हमारे देश “भारत” की सुरक्षा और स्वतंत्रता की पवित्रता हमारी मार्गदर्शकता होगी
यहाँ पर हम स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे और विद्यार्थियों के लिये भारत के स्वतंत्रता दिवस पर कई प्रकार का भाषण उपलब्ध करा रहे है। किसी भी दिये गये भाषण का इस्तेमाल कर स्वतंत्रता दिवस उत्सव में विद्यार्थी सक्रियता से भाग ले सकते है। विद्यार्थीयों के लिये सभी भाषण (इंडिपेंडेंस डे स्पीच) बेहद आसान और सरल भाषा में लिखे गये है जिससे कि वो भारतीय स्वतंत्रता दिवस पर अपना बेहतरीन भाषण प्रस्तुत कर सकें।
स्वतंत्रता दिवस पर भाषण (इंडिपेंडेंस डे स्पीच)
स्वतंत्रता दिवस भाषण 2
मेरे सभी आदरणीय अधयापकों, अभिभावक, और प्यारे मित्रों को सुबह का नमस्कार। इस महान राष्ट्रीय अवसर को मनाने के लिये आज हमलोग यहाँ इकठ्ठा हुए है। जैसा कि हम जानते है कि स्वतंत्रता दिवस हम सभी के लिये एक मंगल अवसर है। ये सभी भारतीय नागरिकों के लिये बहुत महत्वपूर्ण दिन है तथा ये इतिहास में सदा के लिये उल्लिखित हो चुका है। ये वो दिन है जब भारत के महान स्वतंत्रता सेनानीयों द्वारा वर्षों के कड़े संघर्ष के बाद ब्रिटीश शासन से हमें आजादी मिली। भारत की आजादी के पहले दिन को याद करने के लिये हम हर साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाते है साथ ही साथ उन सभी महान नेताओं के बलिदानों को याद करते है जिन्होंने भारत की आजादी के लिये अपनी आहुति दी।
ब्रिटीश शासन से 15 अगस्त 1947 में भारत को स्वतंत्रता मिली। आजादी के बाद हमें अपने राष्ट्र और मातृभूमि में सारे मूलभूत अधिकार मिले। हमें अपने भारतीय होने पर गर्व होना चाहिये और अपने सौभाग्य की प्रशंसा करनी चाहिये कि हम आजाद भारत की भूमि में पैदा हुए है। गुलाम भारत का इतिहास सबकुछ बयाँ करता है कि कैसे हमारे पूर्वजों ने कड़ा संघर्ष किया और फिरंगियो कें क्रूर यातनाओं को सहन किया। हम यहाँ बैठ के इस बात की कल्पना नहीं कर सकते कि ब्रिटीश शासन से आजादी कितनी मुश्किल थी। इसने अनगिनत स्वतंत्रता सेनानीयों के जीवन का बलिदान और 1857 से 1947 तक कई दशकों का संघर्ष लिया है। भारत की आजादी के लिये अंग्रेजों के खिलाफ सबसे पहले आवाज ब्रिटीश सेना में काम करने वाले सैनिक मंगल पांडे ने उठायी थी।
बाद में कई महान स्वतंत्रता सेनानीयों ने संघर्ष किया और अपने पूरे जीवन को आजादी के लिये दे दिया। हम सब कभी भी भगत सिंह, खुदीराम बोस और चन्द्रशेखर आजाद को नहीं भूल सकते जिन्होंने बहुत कम उम्र में देश के लड़ते हुए अपनी जान गवाँ दी। कैसे हम नेताजी और गाँधी जी संघर्षों को दरकिनार कर सकते है। गाँधी जी एक महान व्यक्तित्व थे जिन्होंने भारतीयों को अहिंसा का पाठ पढ़ाया था। वो एक एकमात्र ऐसे नेता थे जिन्होंने अहिंसा के माध्यम के आजादी का रास्ता दिखाया। और अंतत: लंबे संघर्ष के बाद 15 अगस्त 1947 को वो दिन आया जब भारत को आजादी मिली।
हमलोग काफी भाग्यशाली है कि हमारे पूर्वजों ने हमें शांति और खुशी की धरती दी है जहाँ हम बिना डरे पूरी रात सो सकते है और अपने स्कूल तथा घर में पूरा दिन मस्ती कर सके। हमारा देश तेजी से तकनीक, शिक्षा, खेल, वित्त, और कई दूसरे क्षेत्रों में विकसित कर रहा है जोकि बिना आजादी के संभव नहीं था। परमाणु ऊर्जा में समृद्ध देशों में एक भारत है। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स जैसे खेलों में सक्रिय रुप से भागीदारी करने के द्वारा हमलोग आगे बढ़ रहे है। हमें अपनी सरकार चुनने की पूरी आजादी है और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का उपयोग कर रहे है। हाँ, हम मुक्त है और पूरी आजादी है हालाँकि हमें खुद को अपने देश के प्रति जिम्मेदारीयों से मुक्त नहीं समझना चाहिये। देश के जिम्मेदार नागरिक होने के नाते, किसी भी आपात स्थिति के लिये हमें हमेशा तैयार रहना चाहिये।
स्वतंत्रता दिवस भाषण 3
Independence day speech 2018
यहाँ मौजूद मेरे प्यारे दोस्तों और आदरणीय अध्यापकों को सुबह का हार्दिक नमस्कार। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के इस शुभ अवसर को मनाने के लिये हम सब एकत्रित हुए है। ये दिन हमलोग पूरे उत्साह और खुशी के साथ मनाते है क्योंकि इसी दिन ब्रिटीश शासन से 1947 में भारत को आजादी मिली थी। हमलोग यहाँ 69वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाने आये है। सभी भारतीयों के लिये ये बहुत ही महान और महत्वपूर्ण दिन है। कई वर्षों तक अंग्रेजों के क्रूर बर्तावों को भारतीय लोगों ने सहन किया। आज हमलोग लगभग सभी क्षेत्रों में आजाद है जैसे शिक्षा, खेल, परिवहन, व्यापार आदि क्योंकि ये केवल हमारे पूर्वजों के संघर्षों की वजह से संभव हो सका। 1947 से पहले, लोगों पर बहुत पाबंदियाँ थी यहाँ तक कि उनका अपने दिमाग और शरीर पर भी अधिकार नहीं था। वो अंग्रेजों के गुलाम थे और उनके हर हुक्म को मानने के लिये मजबूर थे। आज हम कुछ भी करने के लिये आजाद है उन महान भारतीय नेताओं की वजह से जिन्होंने ब्रिटीश शासन के खिलाफ आजादी पाने के लिये कई वर्षों तक कड़ा संघर्ष किया।
बहुत खुशी के साथ पूरे भारत में स्वतंत्रता दिवस को मनाया जाता है। ये सभी भारतीयों के लिये बेहद महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि ये हमें मौका देता है उन महान स्वतंत्रता सेनानीयों को याद करने का जिन्होंने हमें एक शांतिपूर्ण और खूबसूरत जीवन देने के लिये अपने जीवन की कुर्बानी दे दी। आजादी से पहले, लोगों को पढ़ने-लिखने की, अच्छा खाने की और हमारी तरह सामान्य जीवन जीने की मनाही थी। भारत में आजादी के लिये जिम्मेदार उन कार्यक्रमों का एहसानमंद होना चाहिये। अपने अर्थहीन आदेशों की पूर्ति के लिये अंग्रेजों द्वारा भारतीयों के साथ गुलामों से भी ज्यादा बुरा बर्ताव किया जाता था।
भारत के कुछ महान स्वतंत्रता सेनानी है नेताजी सुभाष चनद्र बोस, गाँधीजी, जे.एल.नेहरु, बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, भगत सिंह, खुदीराम बोस, चन्द्रशेखर आजाद आदि। ये प्रसिद्ध देशभक्त थे जिन्होंने अपनी जीवन के अंत तक भारत की आजादी के लिये कड़ा संघर्ष किया। हमारे पूर्वजों द्वारा संघर्ष के उन डरावने पलों की कल्पना भी नहीं कर सकते हमलोग। आजादी के वर्षों बाद हमारा देश विकास की सही राह पर है। आज हमारा देश पूरी दुनिया में लोकतांत्रिक देश के रुप में अच्छे से स्थापित है। गाँधी एक महान नेता थे जिन्होंने अहिंसा और सत्याग्रह जैसे आजादी के असरदार तरीकों के बारे में हमें बताया। अहिंसा और शांति के साथ स्वतंत्र भारत के सपने को गाँधी ने देखा।
भारत हमारी मातृभूमि है और हम इसके नागरिक है। हमें हमेशा इसको बुरे लोगों से बचाने के लिये तैयार रहना चाहिये। ये हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने देश को आगे की ओर नेतृत्व करें और इसे दुनिया का सबसे अच्छा देश बनाये।
जय हिन्द।
स्वतंत्रता दिवस भाषण 4
Independence day speech
हम सभी हर साल 15 अगस्त के दिन स्वतंत्रता दिवस मनाते है क्योंकि 14 अगस्त 1947 की रात को भारत को आजादी मिली। भारत की आजादी के तुरंत बाद, नई दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस को पंडित जवाहर लाला नेहरु ने भाषण दिया। जब पूरी दुनिया के लोग सो रहे थे, ब्रिटीश शासन से जीवन और आजादी पाने के लिये भारत में लोग जगे हुए थे। अब, स्वतंत्रता के बाद, दुनिया में भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। हमारा देश विविधता में एकता के लिये प्रसिद्ध है। इसने कई घटनाओं का सामना किया इसके धर्मनिरपेक्षता को परखने के लिये जबकि भरतीय लोग हमेशा अपनी एकता से जवाब देने के लिये तैयार रहते है।
अपने पूर्वजों के कड़े संघर्षों की वजह से हम अपनी आजादी का उपभोग करने लायक बने है और अपनी इच्छा से खुली हवा में साँस से सकते है। अंग्रेजों से आजादी पाना बेहद असंभव कार्य था लेकिन हमारे बाप-दादाओं ने लगातार प्रयास से इसको प्राप्त कर लिया। हम उनके किये कार्य को कभी भूल नहीं सकते और हमेशा इतिहास के द्वारा उन्हें याद करते रहेंगे। केवल एक दिन में सभी स्वतंत्रता सेनानीयों के कामों को हम याद नहीं कर सकते हालाँकि दिल से उन्हें सलामी दे सकते है। वो हमेशा हमारी यादों में रहेंगे और पूरे जीवन के लिये प्रेरणा का कार्य करेंगे। आज सभी भारतीयों के लिये बहुत महत्वपूर्ण दिन है जिसको हम महान भारतीय नेताओं के बलिदानों को याद करने के लिये मनाते है, जिन्होंने देश की आजादी और समृद्धि के लिये अपना जीवन दे दिया। भारत की आजादी मुमकिन हो सकी क्योंकि सहयोग, बलिदान, और सभी भारतीयों की सहभागिता थी। हमें महत्व और सलामी देनी चाहिये उन सभी भारतीय नागिरकों को क्योंकि वो असली राष्ट्रीय हीरो थे। हमें धर्मनिरपेक्षता में भरोसा रखना चाहिये और एकता को बनाए रखने के लिये अलग नहीं होना है जिससे इसे कोई तोड़ न सके और हम पर फिर से राज न कर पाये।
हमें आज कमस खाना चाहिये कि हम कल के भारत के एक जिम्मेदार और शिक्षित नागरिक बनेंगे। हमें गंभीरता से अपने कर्तव्यों को निभाना चाहिये और लक्ष्य प्राप्ति के लिये कड़ी मेहनत करनी चाहिये तथा सफलतापूर्वक इस लोकतांत्रित राष्ट्र को नेतृत्व प्रदान करना चाहिये।
जयहिन्द, जयभारत।
स्वतंत्रता दिवस भाषण 5
सभी माननीयों को, आदरणीय अध्यापकगण और मेरे प्यारे सहपाठियों को सुबह का नमस्कार। हमलोग यहाँ पर 69वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिये एकत्रित हुए है। इस खास अवसर पर भाषण देने के लिये मैं बहुत खुश हूँ। मैं अपने क्लास टीचर का बहुत आभारी हूँ जिन्होंने मुझे अपने देश की आजादी पर मेरे विचार रखने के लिये खास मौका प्रदान किया। स्वतंत्रता दिवस के इस खास मौके पर अंग्रेजी शासन से आजादी पाने के लिये भारतीयों के संघर्ष पर भाषण देना चाहूँगा।
बहुत साल पहले भारत के महान नेताओं ने ‘भाग्यवधु से एक प्रतिज्ञा की थी’ कि वो हमें अपने जीवन के सुखों के त्याग के द्वारा मुक्त और शांतिपूर्ण देश देंगे। आज हम यहाँ बिना किसी डर के और खुशी चेहरों के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाने आए है, केवल हमारे बहादुर पूर्वजों की वजह से। हम सोच नहीं सकते कि कितना कठिन होगा वो समय। हमारे पास अपने पूर्वजों को उनके बहुमूल्य कड़ी मेहनत और बलिदान के एवज में देने के लिये कुछ भी नहीं है। हमलोग केवल उनको और कार्यों को याद रख सकते है तथा राष्ट्रीय कार्यक्रमों को मनाने के दौरान उन्हें सलामी दे सकते है। वो हमेशा हमारे दिल में रहेंगे। सभी भारतीय नागरिकों के हँसते चेहरों के साथ स्वतंत्रता के बाद भारत का नया जन्म हुआ।
ब्रिटीश शासन के शिकंजे से 15 अगस्त 1947 को भारत को स्वतंत्रता मिली। पूरे देश में भारतीय लोग हर साल इस राष्ट्रीय उत्सव को पूरी खुशी और उत्साह के साथ मनाते है। ये सभी भारतीय नागरिकों के लिये एक महान दिन था जब भारतीय तिरंगे को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु ने नई दिल्ली के लाल किले पर फहराया था।
हर साल राजपथ पर नई दिल्ली में एक बहुत बड़ा उत्सव मनाया जाता है जहाँ प्रधानमंत्री द्वारा झँडारोहण के बाद राष्ट्रगान गाया जाता है। राष्ट्रगान के साथ 21 बंदूकों की सलामी और हेलिकॉप्टर से तिरंगे पर फूलों की बारिश की जाती है। स्वतंत्रता दिवस के दिन राष्ट्रीय अवकाश होता है हालाँकि हर कोई इसको अपनी जगह से स्कूल, कार्यालय, या समाज में झंडा फहरा कर मनाता है। हमें भारतीय होने पर गर्व होना चाहिये और अपने देश के सम्मान की सुरक्षा के लिये अपना बेहतर योगदान देना चाहिये।
जयहिन्द।
स्वतंत्रता दिवस भाषण 6
आदरणीय प्रधानाचार्यजी, सभी अध्यापकगण और मेरे प्यारे मित्रों, आज हम सब यहाँ स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं आज ही के दिन 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों की गुलामी से हमारे देश को आजादी मिली थी.
आजादी का क्या मतलब है?
आजादी कहने को सिर्फ एक शब्द है लेकिन इसकी भव्यता को कोई भी शब्दों में नही बांध सकता.
आजादी का अर्थ है – विकास के पथ पर आगे बढकर देश और समाज को ऐसी दिशा देना, जिससे हमारे देश की संस्कृति की सोंधी खुशबू चारों और फ़ैल सके.
आजादी का मूल्य देश ने भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुखदेव, सुभाषचंद्र बोस आदि के प्राण खोकर चुकाया हैं.
देश की आजादी की कहानी में शायद ही कोई ऐसा पन्ना हो जो आंसुओं से होकर ना गुजरा हो.
झाँसी की रानी से गाँधी जी के असहयोग आन्दोलन तक की मेहनत के बाद आजादी प्राप्त हुई.
तो चलिए आज इस आजादी की कहानी पर एक नजर डालें.
सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महायज्ञ का प्रारम्भ झासी की रानी और मंगल पांडे ने किया और अपने प्राणों को भारत माता पर न्योछावर किया.
देखते ही देखते यह चिंगारी एक महासंग्राम में बदल गयी जिसमें पूरा देश कूद पड़ा.
इस आजादी के लिए तिलक ने ‘स्वराज्य हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है’ का सिंहनाद किया.
चंद्रशेखर आजाद ने अपना धर्म ही आजादी को बताया. भगतसिंह ने देशभक्ति की जो लो पैदा की वह अद्भुत है.
ईट का जवाब पत्थर से देने की क्रांतिकारियों की ख्वाहिश का सम्मान यह देश हमेशा करेगा.
देश को गर्व है कि उसके इतिहास में भगतसिंह, सुखदेव, राजगुरु और असंख्य ऐसे युवा हुए जिन्होंने अपने प्राणों की भारतमाता के लिए हंसते-हंसते न्योछावर कर दिया.
देश के इतिहास में अगर किसी को असली सुपरहीरो माना जाता है तो वह हैं हमारे नेताजी सुभाषचंद्र बोस.
सुभाष चंद्र बोस एक आम भारतीय ही थे. उच्च शिक्षा प्राप्त और अच्छे उज्ज्वल करियर को त्याग देश के इस महान हीरो ने दर-दर भटक कर देश की आजादी के लिए प्रयास किए.
महात्मा गाँधी यूँ तो किसी परिचय के मोहताज नहीं लेकिन यह राष्ट्र उन्हें राष्ट्रपिता के रूप में जनता है. “गाँधीजी ने दुनिया की अहिंसा और असहयोग नाम के दो महा अस्त्र दिए.
‘अहिंसा’ और ‘असहयोग’ लेकर गुलामी की जंजीरों को तोड़ने के लिए महात्मा गाँधी, ‘लोह पुरुष’ सरदार पटेल, चाचा नेहरु, बाल गंगाधर तिलक जैसे महापुरुषों ने कमर कस ली.
90 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद 15 अगस्त, 1947 को भारत को स्वतंत्रता का वरदान मिला.
वर्षों की गुलामी सहने और लाखों देशवासियों का जीवन खोने के बाद हमने यह बहुमूल्य आजादी पाई है. लेकिन आज की युवा पीढ़ी आजादी का वास्तविक अर्थ भूलती जा रही है.
पश्चिमी संस्कृति का अनुसरण कर वह अपनी सभ्यता, संस्कृति और विरासत से दूर होते जा रहे है. इस संदर्भ में किसी कवि ने खूब लिखा है कि:
“भगतसिंह इस बार न लेना, काया भारतवासी की
क्यूंकि देशभक्ति के लिए आज भी सज़ा मिलेगी फांसी की”
जिस आजादी के लिए हमने देश के लिए कई महान वीरों की आहुति ही है उस आजादी को ऐसे बर्बाद करना बिलकुल सही नही है.
हमें देश को भ्रष्टाचार, गरीबी, नशाखोरी, अज्ञानता से आजादी दिलाने की कोशिश करनी चाहिए.
देश को शायद आज एक नए स्वतंत्रता संग्राम की जरूरत है इस स्वतंत्र देश के नागरिक होने के नाते हमे अपने आप से ये वादा करना है कि हम अपने देश को विकास की ऊंचाइयों तक ले जायेंगे और भारत को फिर से सोने की चिड़िया बनाएगे ताकि हमारे देशभक्तों और शहीदों का बलिदान व्यर्थ ना जाए!
मेरे प्यारे दोस्तों, Independence Day Speech का यह आर्टिकल अब यही पर खत्म होता है. अगर आपको Indian Independence day speech 2018 पसंद आयी हो तो आप इस स्पीच को अपने भाषण में इस्तेमाल कर सकते हो.
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