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Independence day essay 2018 : independence day essay

Independence day essay 2018 : independence day essay


You can get below some  Independence Day essay 2018  in Hindi language for students in 100, 150, 200, 250, 300, and 400 words.

स्वतंत्रता दिवस भारतीयों के लिये एक बहुत ही खास दिन है क्योंकि, इसी दिन वर्षों की गुलामी के बाद ब्रिटिश शासन से भारत को आजादी मिली थी। चलिये, भारतीय स्वतंत्रता दिवस के इस ऐतिहासिक और महत्वपू्र्णँ दिन के बारे में अपनी वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को निबंध लेखन, भाषण व्याख्यान और चर्चा के द्वारा प्रस्तुत करते हैं।

भारतीय स्वतंत्रता दिवस पर निबंध (Independence day essay)

Independence day essay  2018


स्वतंत्रता दिवस निबंध 1 (100 शब्द)

15 अगस्त 1947, भारतीय इतिहास का सर्वाधिक भाग्यशाली और महत्वपू्र्णं दिन था, जब हमारे भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना सब कुछ न्योछावर कर भारत देश के लिये आजादी हासिल की। भारत की आजदी के साथ ही भारतीयों ने अपने पहले प्रधानमंत्री का चुनाव पंडित जवाहर लाल नेहरु के रुप में किया जिन्होंने राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के लाल किले पर तिरंगे झंडे को पहली बार फहराया। आज हर भारतीय इस खास दिन को एक उत्सव की तरह मनाता है।


स्वतंत्रता दिवस निबंध 2 (150 शब्द)

15 अगस्त 1947, भारत की आजादी का दिन और इसलिये इस खास दिन को एक उत्सव की तरह हर साल भारत में स्वतंत्रता दिवस के रुप में मनाया जाता है। इस कार्यक्रम को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया जाता है जिसमें भारत के प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले पर झंडा फहराया जाता है तथा लाखों लोग स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होते है।

लाल किले पर उत्सव के दौरान, झंडारोहण और राष्ट्रगान के बाद प्रधानमंत्री द्वारा भाषण दिया जाता है जिसके बाद तीनों भारतीय सेनाओं द्वारा अपनी ताकत का प्रदर्शन किया जाता है साथ ही कई सारे रंगारंग कार्यक्रम प्रदर्शित किये जाते हैं जैसे-भारत के राज्यों द्वारा झाकिंयों के माध्यम से अपनी कला और संस्कति की प्रस्तुति, स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कतिक कार्यक्रम का प्रदर्शन करना आदि।
इस खास अवसर पर हम भारत के उन महान हस्तियों को याद करते है जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए महत्वपूर्णं योगदान दिया। साथ ही यह उत्सव देश के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों तथा अन्य स्थलों पर भी पूरे हर्षोंल्लास के साथ मनाया जाता है।

स्वतंत्रता दिवस निबंध 3 (200 शब्द)
Independence Day Essay 2018

भारत में स्वतंत्रता दिवस, सभी धर्म, परंपरा और संस्कृति के लोग पूरी खुशी से एक साथ मनाते हैं। 15 अगस्त 1947 से ही ये हर साल इसी दिन मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन लगभग 200 साल बाद भारत को ब्रिटिश हुकुम़त से आजादी मिली थी।


इस दिन को राष्ट्रीय अवकाश के रुप में घोषित किया गया साथ ही सभी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय तथा कार्यालय आदि भी बंद रहते है। इसे सभी स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थीयों द्वारा पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। विद्यार्थी इसमें खेल, कला तथा साहित्य के माध्यम से भाग लेते है। इन कार्यक्रमों के आरंभ से पहले मुख्य अतिथि अथवा प्रधानाचार्य द्वारा झंडारोहण किया जाता है जिसमें सभी मिलकर एक साथ बाँसुरी और ड्रम की धुन पर राष्ट्रगान करते है और उसके बाद परेड और विभिन्न कार्यक्रमों द्वारा इस दिन को खास बनाया जाता है।


स्वतंत्रता दिवस के इस खास मौके पर भारत की राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के राजपथ पर भारत सरकार द्वारा इस दिन को एक उत्सव का रुप दिया जाता है जहाँ सभी धर्म, संस्कृति और परंपरा के लोग भारत के प्रधानमंत्री की देशभक्ती से पू्र्ण भाषण सुनते है। इस अवसर पर हम लोग उन सभी महान व्यक्तिव को याद करते है जिनके बलिदान की वजह से हम सभी आजाद भारत में सांस ले रहे हैं।



स्वतंत्रता दिवस निबंध 4 (250 शब्द)

भारत में स्वतंत्रता दिवस हर साल 15 अगस्त को राष्ट्रीय अवकाश के रुप में मनाया जाता है जब भारतीय ब्रिटिश शासन से अपने राष्ट्र की स्वतंत्रता की लंबी गाथा को याद करते है। ये आजादी मिली ढ़ेरों आंदोलनों और सैकड़ों स्वतंत्रता सेनानियों की आहुतियों से। आजादी के बाद पंडित जवाहर लाल नेहरु भारत के पहले प्रधानमंत्री बने जिन्होंने दिल्ली के लाल किले पर झंडा फहराया।

इस दिन को शिक्षक, विद्यार्थी, अभिवाहक और सभी लोग झंडारोहण के साथ राष्ट्रगान कर मनाते हैं। हमारा तिरंगा झंडा भारत के प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली के लाल किले पर भी फहराया जाता है। इसके बाद राष्ट्रीय ध्वज को 21 बंदूकों की सलामी के साथ उस पर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर सम्मान दिया जाता है। हमारे तिरंगे झंडे में केसरिया हिम्मत और बलिदान को, सफेद रंग शांति औ सच्चाई को तो वहीं हरा रंग विश्वास और शौर्य को प्रदर्शित करता है।

हमारे तिरंगे के मध्य एक अशोक चक्र होता है जिसमें 24 तिलियाँ होती है। इस खास दिन पर हम भगत सिंह, सुखदेब, राजगुरु गांधीजी जैसे उन साहसी पुरुषों के महान बलिदानों को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनके अविस्मरणीय योगदानों के लिये याद करते है। इस दौरान स्कूलों में विद्यार्थी स्वतंत्रता सेनानियों पर व्याख्यान देते हैं तथा परेड में भाग लेते हैं। इस खास मौके को सभी अपनी-अपनी तरह मनाते है,कोई देशभक्ति की फिल्में देखता है तो कोई अपने परिवार और मित्रों के साख बाहर घूमने जाता है साथ ही कुछ लोग स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों में भाग लेते हैं।

स्वतंत्रता दिवस निबंध 5 (300 शब्द)

15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश साम्राज्य से भारत की स्वतंत्रता को याद करने के लिये राष्ट्रीय अवकाश के रुप में इस दिन हर साल भारत के लोगों द्वारा स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। इस दिन, भारत के उन महान नेताओं को श्रदा्ंजलि दी जाती है जिनके नेतृत्व में भारत के लोग सदा के लिये आजाद हुये। 15 अगस्त के दिन को लोग अपने-अपने अंदाज में मनाते है कोई मित्रों और परिवारों के साथ इस दिन को यादगार बनाता है तो कोई देशभक्ति गानों और फिल्मों को देख झूमता है साथ ही कई ऐसे भी होते है जो इस दिन कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर तथा विभिन्न माध्यमों के द्वारा स्वतंत्रता दिवस के महत्व को प्रचारित-प्रसारित करते है।

15 अगस्त 1947, स्वतंत्रता की प्राप्ति के बाद जवाहर लाल नेहरु भारत के प्रथम प्रधानमंत्री बने जिन्होंने दिल्ली के लाल किले पर भारतीय झंडा फहराने के बाद भारतीयों को संम्बोधित किया। इसी प्रथा को आने वाले दूसरे प्रधानमंत्रीयों ने भी आगे बढ़ाया जहां झंडारोहण, परेड, तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि हर साल इसी दिन आयोजित होते है। कई लोग इस पर्व को अपने वस्त्रों पर, घर तथा वाहनों पर झंडा लगा कर मनाते है| 15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को अपने भाषण “’ट्रिस्ट वीद डेस्टिनी”, के साथ पंडित जवाहर लाल नेहरु ने भारत की आजादी की घोषणा की। साथ ही उन्होंने अपने भाषण में कहा कि, वर्षों की गुलामी के बाद ये वो समय है जब हम अपना संकल्प निभाएंगे और अपने दुर्भाग्य का अंत करेंगे।

भारत एक ऐसा देश है जहां करोड़ों लोग विभिन्न धर्म, परंपरा, और संस्कृति के एक साथ रहते है और स्वतंत्रता दिवस के इस उत्सव को पूरी खुशी के साथ मनाते हैं। इस दिन, भारतीय होने के नाते, हमें गर्व करना चाहिये और ये वादा करना चाहिये कि हम किसी भी प्रकार के आक्रमण या अपमान से अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिये सदा देशभक्ति से पूर्णं और ईंमानदार रहेंगे।



स्वतंत्रता दिवस निबंध 6 (400 शब्द)

ब्रिटिश शासन से आजादी मिलने की वजह से भारत में स्वतंत्रता दिवस सभी भारतीयों के लिये एक महत्वपूर्णं दिन है। हम इस दिन को हर साल 15 अगस्त 1947 से मना रहे है। गांधी, भगत सिंह, लाला लाजपत राय, तिलक और चन्द्रशेखर आजाद जैसे हजारों देशभक्तों की कुर्बानी से स्वतंत्रत हुआ भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रुप में गिना जाता है।

आजादी के इस पर्व को सभी भारतीय अपने-अपने तरीके से मनाते है, जैसे उत्सव की जगह को सजाना, फिल्में देखकर, अपने घरों पर राष्ट्रीय झंडे को लगा कर, राष्ट्रगान और देशभक्ति गीत गाकर, तथा कई सारे सामाजिक क्रियाकलापों में भाग लेकर। राष्ट्रीय गौरव के इस पर्व को भारत सरकार द्वारा बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली के लाल किले पर झंडा फहराया जाता है और उसके बाद इस उत्सव को और खास बनाने के लिये भारतीय सेनाओं द्वारा परेड, विभिन्न राज्यों की झांकियों की प्रस्तुति, और राष्ट्रगान की धुन के साथ पूरा वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो उठता है। राज्यों में भी स्वतंत्रता दिवस को इसी उत्साह के साथ मनाया जाता है जिसमें राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री मुख्य अतिथी के तौर पर होते है। कुछ लोग सुबह जल्दी ही तैयार होकर प्रधानमंत्री के भाषण का इंतजार करते है। भारतीय स्वतंत्रता इतिहास से प्रभावित होकर कुछ लोग 15 अगस्त के दिन देशभक्ति से ओतप्रोत फिल्में देखते है साथ ही सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं।

महात्मा गांधी के अहिंसा आंदोलन की वजह से हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को खूब मदद मिली और 200 साल के लंबे संघर्ष के बाद ब्रिटिश शासन से आजादी मिली। स्वतंत्रता के लिये किये गये कड़े संघर्ष ने उत्प्रेरक का काम किया जिसने ब्रिटिश शासन के खिलाफ अपने अधिकारों के लिये हर भारतीय को एक साथ किया, चाहे वो किसी भी धर्म, वर्ग, जाति, संस्कृति या परंपरा को मानने वाले हो। यहां तक कि अरुणा आसिफ अली, एनी बेसेंट, कमला नेहरु, सरोजिनी नायडु और विजय लक्ष्मी पंडित जैसी महिलाओं ने भी चुल्हा-चौका छोड़कर आजादी की लड़ाई में अपनी महत्वपूर्णं भूमिका अदा की।

Independence Day Essay 2018 . 7    (500 Words)

पिछले कुछ वर्षों में सांप्रदायिकता की स्वार्थपूर्ण एवं कुटिल राजनीति के कारण भारत की धर्मनिरपेक्षता की भावनाओं को काफी ठेस पहुंची है| इसके अतिरिक्त कुछ विघटनकारी शक्तियों ने भी देश के भीतर अपनी जड़ें स्थापित कर ली हैं| स्वतंत्रता दिवस हमें देश के लिए शहीद हुए लोगों की याद दिलाता है| यह हमें किसी भी कीमत पर स्वतंत्रता की रक्षा करने की प्रेरणा देता है अंग्रेजों ने जब भारत वर्ष के अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर को गिरफ्तार किया था तब आत्मसम्मान से भरे स्वर में जफर ने कहा था–“हिंदुओं में बू रहेगी जब तलक ईमान की, तख्त लंदन पर चलेगी तेग हिंदुस्तान की”| समय आने पर ईश्वर और धर्म पर विश्वास रखने वाले सच्चे हिंदुस्तानियों ने अपने बाहूबल की बदौलत अंग्रेजों से सत्ता छीन कर उनकी बातों को सच साबित कर दिया था|

भारत के नागरिक होने के नाते हमारा कर्तव्य होता है कि हम इस भावनाओं को नष्ट ना होने दें और इसको अधिक पुष्ट बनाएं| इस कार्य में स्वतंत्रता दिवस की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती है, इसके रूप में हम अपनी राष्ट्रीय एकता का जशन मनाते हैं| यह हमारा राष्ट्रीय एकता का प्रतीक पर्व बन गया है| इतिहास साक्षी है कि अनेक धर्मों, अनेक जातियों और अनेक भाषाओं वाला यह देश अनेक विसंगतियों के बावजूद सदा एकता के सूत्र में बंधा रहता है| यहां अनेक जातियों आगमन हुआ और वह धीरे-धीरे इसकी मूल धारा में विलीन हो गए| उनकी परंपराएं, विचारधाराएं और संस्कृति इस देश के साथ एकरूप हो गई| भारत की यह विशेषता आज भी ज्यो की त्यों बनी हुई है|

जो राष्ट्रीय संगठित होता है उसे ना कोई तोड़ सकता है और ना ही कोई उसका कुछ बिगाड़ सकता है| वह अपनी एकता एवं सामूहिक प्रयास के कारण सदा प्रगति के पथ पर अग्रसर रहता है| कई बार हमारे दुश्मन देश या पैसे के लिए सब कुछ बेच देने वाले कुछ स्वार्थी और अराजकता एवं आतंकी कार्यो द्वारा हमारी एकता को भंग करने का असफल प्रयास करते हैं| अतः भारत के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि इस की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए हर बलिदान और त्याग करने को प्रस्तुत रहे|

सारे कार्यक्रम दूरदर्शन द्वारा प्रसारित किया जाता है| देश के प्रत्येक हिस्से से लोगों स्वतंत्रा दिवस का कार्यक्रम देखने के लिए दिल्ली आते हैं| बच्चे समारोह में भाग लेने के लिए जल्द ही सुबह आ जाते हैं| समाज के हर वर्ग लाल किले पर पहुंचते हैं और लाल किले के सामने उनके बैठने का पूरे प्रबंध किया जाता है| बहुत से राजदूत और यहां तक कि विदेशी उच्च-अधिकारी भी इस कार्यक्रम को देखने आते हैं| कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बहुत से पुलिसकर्मी तैनात किये जाते है| यह समारोह भारतीय राज्यों की राजधानियों में भी मनाया जाता है| प्रधानमंत्री के स्थान पर वहां के मुख्यमंत्री भाषण देते हैं| देश की एकता, स्वतंत्रता और अखंडता की रक्षा के लिए सब कुछ बलिदान करने की सभी सौगंध लेते हैं|

I hope you like this Independence day essay 2018.

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